आटोमेटिक ब्लाॅक पद्धति
किसी सेक्शन में लाइन क्षमता से बहुत अधिक गाड़ियाँ हो और उन्हें सम्पूर्ण ब्लाक पद्धति से चलाने में विलम्ब होता हो तो रेलवे प्रशासन द्वारा सेक्शन पर आटोमेटिक ब्लाक पद्धति लागू की जाती है। इस पद्धति के अन्तर्गत पूरे सेक्शन को ट्रैक सर्किटेड किया जाता है या आवश्यकतानुसार एक्सल काउन्टर लगाए जाते हैं और उस सेक्शन में कलर लाइट रोक सिगनलों लगाकर छोटे-छोटे सिगनलिंग सेक्शनों में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक सिगनलिंग सेक्शन में एक-एक गाड़ी चलाई जा सकती है। प्रत्येक सिगनल को ट्रैक सर्किट या एक्सल काउन्टर नियंत्रित करता है। ट्रैक सर्किट या एक्सल काउन्टर गाड़ियों से उत्पन्न रुकावट की सूचना रोक सिगनल को संकेतो के द्वारा देते है। जिन्हें देखकर लोको पायलट/मोटरमेन को लगातार आगे के सिगनलिंग सेक्शनों के साफ या अवरुद्ध होने की जानकारी मिलती रहती है तथा वह अपनी गाड़ी को उसी प्रकार नियंत्रित करता है।
