पाइथाॅन रैक का संचालन
रेलवे मे दिन-प्रतिदिन बढ़ते हुए यातायात को देखते हुए भारतीय रेलवे अपनी संचालन लागत कम करने के दृष्टिकोण से थ्रू-पुट को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इस हेतु कई उपाय किए जा रहे हैं जैसे -
वैगनो की डिजाइन मे परिवर्तन करके भार क्षमता को बढ़ाना, प्रत्येक गाड़ी मे वैगनों की संख्या मे बढ़ोत्तरी करके तथा एक्सल भार बढ़ाकर। इस संदर्भ मे ‘डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर’ बनाने की भी योजना है। परन्तु जब तक ये किया जाए तब तक रेलवे ने कुछ सेक्शनो पर इस हेतु ‘लाँग हाॅल गाड़ी’ चलाने का निर्णय लिया है। ‘‘एक से अधिक खाली या भरे मानक गाड़ियों के रैक को जोड़कर चलाने को ‘लाँग हाॅल गाड़ी’ के नाम से जाना जाता है, जिसे ‘‘पायथाॅन रैक’’ कहते हैं। इस शब्द को गाड़ी के नाम के आगे जोड़ा जाता है और फाॅइस व कन्ट्रोल
